“वाहे गुरु जी के चरणो में ही हर दुख की दवा है” ज्ञानी तेजपाल सिंह और साथी…

फगवाड़ा, 21 फरवरी,( हरीश भंडारी ) : “वाहेगुरु जी के चरणों में ही हर दुख की दवा है” वाहेगुरु का सिमरन करने के साथ ही हमारे भटके हुए मन को शांति मिल सकती है। इन अनमोल शब्दों की व्याख्या ज्ञानी तेजपाल सिंह और उनके साथियों ने की। ज्ञानी तेजपाल सिंह के जत्थे में भाई गुरविंदर सिंह ( हेड ग्रंथी गुरुद्वारा साहिब महेरु ) भाई गुरदीप सिंह और भाई सुखविंदर सिंह के नाम शामिल हैं। ज्ञानी तेजपाल सिंह जी को लगभग 40 साल हो गए हैं कीर्तन की सेवा करते हुए और वह इंग्लैंड के गुरु नानक दरबार घरे गरेवजैड लंदन में भी कई बार कीर्तन की सेवा निभा चुके हैं। पंजाब और पंजाब के बाहर भी इन्हों के जत्थे ने अपने सुरीले कीर्तन के जरिए कई बार संगतो को निहाल किया और बेशुमार मान सम्मान प्राप्त किया हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.