सी. आई. एस. ए़फ़. को छह केंद्रीय जेलों की सुरक्षा का जिम्मा एक सप्ताह मेंः जेल मंत्री – कैदियों को नशे के गर्क में से निकालने के लिए मनोविज्ञानियों और योग कक्षाओं में की जाएगी वृद्धि ….

लुधियाना, (रब्बों उच्ची) 10 जुलाई (परमिंदर सिंह/हरमिंदर मक्कड़) :  के जेल और सहकारिता विभाग के कैबिनेट मंत्री स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने कहा कि राज्य की छह केंद्रीय जेलों की आंतरिक सुरक्षा का जिम्मा एक सप्ताह में सी. आई. एस. एफ. ( केंद्रीय सुरक्षा बल) को सौंप दिया जायेगा। इस सम्बन्धित केंद्रीय ग्रह मंत्रालय की तरफ से सूचना भेजी गई है कि एक सप्ताह में यह सुरक्षा बल पंजाब की इन जेलों में डयूटी पर आ जाएंगे।
आज गाँव रब्बों उच्ची में स्वतंत्रता संग्राम के पहले शहीद बाबा महाराज सिंह के 162वें शहीदी दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समागम में शामिल होने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए स. रंधावा ने कहा कि इन जेलों में जघन्य व खतरनाक अपराधियों और गैंगस्टरों को रखा हुआ है, जिनकी पुख्ता सुरक्षा के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेलों की बाहरी सुरक्षा पंजाब पुलिस के हाथ ही रहेगी। जेलों में बंद व्यक्तियों में फैले नशे के बारे पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि कैदियों को नशे की आदत से मुक्त करवाने के लिए जेलों में और ज्यादा मनोविज्ञानियों की डयूटी सहित योग कक्षाओं में व्द्धि की जा रही है जिससे कैदियों को नशे से हटा कर तंदरुस्त जीवन की तरफ मोड़ा जा सके।
पत्रकारों की तरफ से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से अनुसूचित जातियों, जनजातियों और अल्पसंख्याकों से सम्बन्धित ढ़ाई लाख भूमि रहित परिवारों को कर्ज राहत योजना अधीन लाभ देने का प्रस्ताव है। ऐसे परिवार जो सहकारी सभाओं के सदस्य हैं, को 25 हज़ार रुपए तक की कर्ज राहत दी जाएगी। इस सम्बन्धित प्रस्ताव मुख्य मंत्री को भेजा जाएगा। उन्होंने राज्य के लोगों विशेष रूप से महिलाओं से अपील की है कि वे नशे की सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए आगे आएं और पंजाब सरकार का सहयोग करें। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे नशे के कारोबार में लगे लोगों बारे गुप्त सूचना प्रशासन को दें।
इस से पहले राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए स. रंधावा ने कहा कि देश की एकता और आखंडता को बनाए रखने के लिए आज समय की ज़रूरत है कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान देकर पहले सिख शहीद का रुतबा हासिल करने वाले भाई महाराज सिंह जी की तरफ से दिखाए रास्ते पर चला जाए। आजादी प्राप्त करनी आसान है परन्तु इस को बरकरार रखना बहुत कठिन है। बाबा महाराज सिंह जैसी देश भक्त शख्शियतों ने देश को आजाद कराने के लिए संघर्ष किया और अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
उन्होंने कहा कि यह सिख कौम और देश का दुर्भाग्य ही था कि बाबा महाराज सिंह की ओर से अपने साथियों के साथ मिल कर बनाई गई योजना का अंग्रेज हकूमत को पता लग गया और उन्होंने बाबा महाराज सिंह जी को कैद करके सिंगापुर भेज दिया और लाखों कष्ट दिए, जिसके परिणामस्वरूप उनकी 5 जुलाई, 1856 को वहां मौत हो गई। बाबा महाराज सिंह ने अपने जीवन दौरान अंग्रेजों विरुद्ध विभिन्न पक्षों को एकत्र करने पर बहुत जोर लगाया।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के गौरवमय इतिहास को संभालने प्रति दृढ़ संकल्प है और इसी वजह से ही उन्होंने बाबा महाराज सिंह जी के नाम पर स्थापित गुरुद्वारा श्री दमदमा साहब के हाल का कार्य मुकम्मल करने के लिए प्रबंधक समिति को 5 लाख रुपए, सरकारी हाई स्कूल में टायलेट के लिए 2 लाख रुपए देने की घोषणा की और गाँव चोमों से ले कर बाया गाँव रब्बों से 66 कूकों के बलिदान स्थल को मिलाती सड़क को चौड़ा करने बारे लोक निर्माण मंत्री के साथ बात करने का विश्वास दिया। उन्होंने कहा कि गाँव रब्बों उच्ची में गंदे पानी की निकासी की समस्या को दूर करने सीवरेज डाला जायेगा। इससे पहले उन्होंने बाबा महाराज सिंह जी की तस्वीर पर फूल अर्पित करके श्रद्धाँजलि भेंट की।
समारोह को संबोधन करते हुए पायल के विधायक स. लखबीर सिंह लक्खा ने गाँव रब्बों उच्ची और क्षेत्र की माँगों से अवगत करवाया और माँग की कि क्षेत्र के विकास के लिए इन माँगों को पहल के आधार पर पूरा किया जाए। इस मौके विभिन्न रागी, ढ़ाडी और कविशरी जत्थों की तरफ से धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। समागम को संबोधित करने वालों में समराला के विधायक स. अमरीक सिंह ढिल्लों, पूर्व मंत्री स. तेज प्रकाश सिंह कोटली और स. मलकीत सिंह दाखा प्रमुख रूप से शामिल हैं। इस अवसर पर डी. आई. जी. स. रणबीर सिंह खटड़ा, जिला पुलिस प्रमुख खन्ना स. नवजोत सिंह माहल, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर खन्ना श्री अजय सूद, एस. डी. एम. पायल श्रीमती स्वाति टिवाणा, कांग्रेस पार्टी के जिला प्रधान स. गुरदेव सिंह लांपरां, स. मनजीत सिंह हम्बड़ां, गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के प्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही।

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